New Delhi Railway Station Stamped : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार, 15 फरवरी 2025 को बड़ा हादसा हुआ, जिसमें प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 पर मची भगदड़ में 3 बच्चों समेत 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही रेलवे ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए कई अहम फैसले लिए हैं, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
रेलवे के बड़े फैसले: प्लेटफॉर्म और एंट्री गेट में बदलाव
उत्तर रेलवे ने भगदड़ जैसी घटनाओं से बचने के लिए कई बदलाव किए हैं। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, प्रयागराज जाने वाली सभी ट्रेनों का प्रस्थान अब प्लेटफॉर्म नंबर 16 से होगा। साथ ही, इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को अजमेरी गेट की तरफ से स्टेशन में प्रवेश करना होगा।
इसके अलावा, अन्य ट्रेनों के संचालन में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वे पहले की तरह निर्धारित प्लेटफॉर्म से ही गुजरेंगी। रेलवे का यह कदम भीड़ को नियंत्रित करने और प्लेटफॉर्म पर अधिक संख्या में यात्रियों की मौजूदगी को कम करने के लिए उठाया गया है।
स्टेशन पर बढ़ाई गई सुरक्षा: आरपीएफ और जीआरपी की तैनाती
रेलवे ने सुरक्षा के लिहाज से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) और जीआरपी (Government Railway Police) की टीमों की संख्या बढ़ा दी है। इन सुरक्षा बलों को यात्रियों की मदद करने और भीड़ नियंत्रण के लिए तैनात किया गया है।
इसके अलावा, यात्रियों को उनके प्लेटफॉर्म और ट्रेनों के बारे में जानकारी देने के लिए रेलवे कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई गई है। ये कर्मचारी लोगों को सही दिशा में मार्गदर्शन करेंगे, जिससे भगदड़ की संभावना कम हो सके।
महाकुंभ के लिए स्पेशल ट्रेनें
प्रयागराज में महाकुंभ के चलते रेलवे ने श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष ट्रेनें चलाई हैं। रेलवे मंत्रालय के अनुसार:
- शाम 7 बजे तक 3 विशेष ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें से एक दरभंगा के लिए और दो प्रयागराज के लिए थीं।
- रात 9 बजे एक और विशेष ट्रेन प्रयागराज के लिए रवाना होगी।
- 17 फरवरी को 5 स्पेशल ट्रेनें महाकुंभ के श्रद्धालुओं के लिए चलाई जाएंगी।
इन स्पेशल ट्रेनों के जरिए रेलवे भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा देने की कोशिश कर रहा है।
रेलवे हेल्पलाइन और राहत कार्य
रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। रविवार, 16 फरवरी की शाम 5 बजे तक रेलवे को भगदड़ से जुड़ी 130 से अधिक कॉल्स प्राप्त हुईं।
इसके अलावा, रेलवे अधिकारियों ने मृतकों के परिवारों की पूरी मदद की। मृतकों के परिजनों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने और अंतिम संस्कार में सहयोग देने के लिए रेलवे कर्मियों को विशेष रूप से नियुक्त किया गया।
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Brijendra
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