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जम्मू-कश्मीर के किसान लंबे समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे, और हाल ही में हुई बारिश ने उन्हें कुछ हद तक राहत दी है। पिछले कुछ दिनों में वर्षा की कमी 80% से घटकर 65% रह गई है, जिससे फसलों और जल स्रोतों को फायदा होने की उम्मीद है।

मौसम विभाग के अनुसार, 28 फरवरी से 6 मार्च के बीच सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है, जबकि 6 से 13 मार्च के बीच मध्यम बारिश हो सकती है।

सूखे की भरपाई अभी पूरी नहीं हुई

हालांकि स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है, लेकिन मौसम विज्ञानियों के अनुसार, यह दिसंबर 2023 से जारी सूखे की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है।

सेब उत्पादक किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि वे मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए बर्फबारी पर निर्भर करते हैं।

शोपियां, पुलवामा और कुलगाम के किसानों ने बर्फबारी न होने के कारण फसल के नुकसान की चिंता जताई थी।

सूखे की वजह से नदियों और झरनों का जलस्तर कम हुआ, जिससे गर्मी के महीनों में पानी की कमी और बिजली उत्पादन में गिरावट की संभावना बढ़ गई थी। हालांकि, हालिया बारिश से यह चिंता कुछ हद तक कम हुई है।

पर्यटन उद्योग को बर्फबारी से मिली राहत

कश्मीर का पर्यटन क्षेत्र, खासतौर पर गुलमर्ग और पहलगाम, सर्दियों में बर्फबारी पर निर्भर रहता है। इस बार शुष्क सर्दियों की वजह से पर्यटकों की संख्या में गिरावट देखी गई थी।

गुलमर्ग में 20 सेमी ताजा बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिला।

इस बर्फबारी से स्कीइंग और अन्य शीतकालीन खेलों को फायदा होगा, जिससे पर्यटन उद्योग को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

बर्फबारी के कारण सड़कें बंद, यातायात प्रभावित

हालांकि बर्फबारी से राहत मिली है, लेकिन इससे यात्रा करने में भी मुश्किलें बढ़ी हैं।

ज़ोजिला दर्रे पर भारी बर्फबारी के कारण श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जहां दो फीट तक बर्फ जमा हो गई है।

सोनमर्ग में एक फुट से अधिक बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे सड़क मार्ग प्रभावित हुआ।

द्रास क्षेत्र में हिमस्खलन के कारण एक मुख्य सड़क भी बंद करनी पड़ी।

उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में भारी बर्फबारी के कारण कई गांव जिला मुख्यालय से कट गए, जिससे बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हो गई।

प्रशासन राहत कार्यों में जुटा

हंदवाड़ा और राजवार के निवासियों ने शिकायत की कि सड़कों की सफाई न होने के कारण यात्रा करना मुश्किल हो रहा है।

प्रशासन ने सड़कों की सफाई और आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के लिए मशीनरी और कर्मियों को तैनात किया है।

बारिश और जलभराव से बाढ़ का खतरा

भारी बारिश के कारण कश्मीर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।

नौगाम और हंदवाड़ा में सबसे अधिक 46.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।

बारामूला और कुपवाड़ा के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई, क्योंकि खराब जल निकासी व्यवस्था ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।

स्कूलों की छुट्टियां बढ़ सकती हैं

कश्मीर में 1 मार्च से स्कूल फिर से खुलने वाले हैं, लेकिन लगातार बर्फबारी और ठंड के कारण सरकार शीतकालीन छुट्टियों को बढ़ाने पर विचार कर सकती है।

भूस्खलन का अलर्ट, यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह

प्रशासन ने जम्मू और पीर पंजाल क्षेत्र में भूस्खलन की चेतावनी जारी की है।

यात्रियों को विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।