High-tech surveillance on hijab for women in Iran : ईरान में महिलाओं के लिए हिजाब कानून बेहद सख्त है। यहां महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर हिजाब पहनना अनिवार्य है, और इसके उल्लंघन पर उन्हें दंडित किया जाता है। हालांकि, समय-समय पर महिलाएं इस सख्ती के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं और कई विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। अब, हाल ही में एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान सरकार हिजाब कानून लागू करवाने के लिए आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन, चेहरे की पहचान प्रणाली और नागरिक रिपोर्टिंग ऐप्स का उपयोग कर रही है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट का खुलासा
संयुक्त राष्ट्र द्वारा 14 मार्च 2025 को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में महिलाओं को हिजाब पहनने के लिए मजबूर करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हिजाब कानून तोड़ने वाली महिलाओं पर कठोर कार्रवाई की जा रही है और इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
निगरानी के लिए मोबाइल ऐप और ड्रोन का उपयोग
रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले दो वर्षों में किए गए एक शोध के दौरान एक मोबाइल एप्लिकेशन का पता चला है, जो नागरिकों और पुलिस को हिजाब कानून के उल्लंघन की रिपोर्ट करने की अनुमति देता है। इस मोबाइल ऐप का नाम "नज़र" बताया जा रहा है, जो महिलाओं पर निगरानी रखने और उन्हें दंडित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
हिजाब कानून तोड़ने पर क्या कार्रवाई होती है?
- ड्रोन और मोबाइल ऐप की मदद से निगरानी: हिजाब न पहनने वाली महिलाओं को पहले ड्रोन और चेहरे की पहचान तकनीक से ट्रैक किया जाता है।
- वाहनों की पहचान और चेतावनी: यदि कोई महिला सार्वजनिक स्थानों पर बिना हिजाब के पाई जाती है, तो "नज़र" ऐप उस वाहन को चिह्नित कर देता है जिसमें वह यात्रा कर रही होती है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी जाती है।
- टेक्स्ट मैसेज द्वारा चेतावनी: वाहन मालिक को एक टेक्स्ट संदेश भेजा जाता है, जिसमें उसे चेतावनी दी जाती है कि उसने हिजाब कानून का उल्लंघन किया है।
- वाहन जब्त करने की कार्रवाई: यदि महिला बार-बार हिजाब न पहनने की चेतावनी को अनदेखा करती है, तो उसका वाहन जब्त कर लिया जाता है।
सार्वजनिक परिवहन और हाई-टेक कैमरों की तैनाती
रिपोर्ट में यह भी खुलासा किया गया है कि सितंबर 2024 में ईरान सरकार ने "फ़राज़ा" नामक एक और ऐप सार्वजनिक परिवहन, टैक्सियों और एंबुलेंस में इंस्टॉल करने का आदेश दिया था। इस ऐप के जरिए यात्रियों की निगरानी की जाती है और अगर कोई महिला हिजाब नहीं पहनती है तो उसकी सूचना सरकार को भेज दी जाती है।
इसके अलावा, राजधानी तेहरान और दक्षिणी ईरान के कुछ हिस्सों में हाई-टेक कैमरे और ड्रोन भी तैनात किए गए हैं, जिससे सड़कों पर महिलाओं की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है।
ईरानी सरकार की चुप्पी
संयुक्त राष्ट्र की इस 20-पेज लंबी रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध को जन्म दिया है। इसके बावजूद, ईरानी सरकार ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। अतीत में भी ईरान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय दबाव को नजरअंदाज किया है और हिजाब कानून जैसी सख्त नीतियों को जारी रखा है।
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Brijendra
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