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Liquor Ban in MP : गुजरात और बिहार के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार भी शराबबंदी की दिशा में कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अभियान का खाका पेश करते हुए राज्य के 17 धार्मिक शहरों में शराब की दुकानों को स्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। इस फैसले को लेकर राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पहला चरण है और आने वाले समय में शराबबंदी को पूरे राज्य में लागू किया जा सकता है।

कैबिनेट बैठक में लिया गया बड़ा फैसला

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने महेश्वर में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान 17 धार्मिक शहरों में शराबबंदी को मंजूरी दी। इन शहरों में शराब की दुकानें स्थायी रूप से बंद कर दी जाएंगी। इस सूची में उज्जैन, जबलपुर, मंदसौर, महेश्वर, ओरछा, खजुराहो, और सांची जैसे प्रमुख धार्मिक शहर शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने यह संकेत भी दिया है कि आने वाले वर्षों में राज्य में पूर्ण शराबबंदी की योजना बनाई जा सकती है। हालांकि, इसके अगले चरण की रूपरेखा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

कैबिनेट बैठक से पहले श्रद्धांजलि और पूजा-अर्चना

कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की गद्दी के दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सभी सदस्यों ने नर्मदा तट पर जाकर मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की।

इस विशेष अवसर पर मंत्रिमंडल के सदस्यों ने समूह फोटो लिया और इन पलों को सोशल मीडिया पर साझा किया।

शराबबंदी के तहत शामिल 17 शहर

मध्य प्रदेश सरकार ने जिन 17 धार्मिक शहरों में शराबबंदी लागू की है, उनकी सूची इस प्रकार है:

  1. उज्जैन
  2. ओंकारेश्वर
  3. महेश्वर
  4. खजुराहो
  5. मैहर
  6. ओरछा
  7. सांची
  8. नलखेड़ा
  9. सलकनपुर
  10. जबलपुर
  11. मंदसौर
  12. चित्रकूट
  13. अमरकंटक
  14. बुरहानपुर
  15. पचमढ़ी
  16. देवास
  17. विदिशा

इन शहरों को उनके धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण चुना गया है।

मुख्यमंत्री का बयान: शराबबंदी सबसे अहम फैसला

कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण फैसला शराबबंदी को लेकर होगा। उन्होंने कहा,
"हम धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। इससे इन क्षेत्रों में सामाजिक और सांस्कृतिक संतुलन बनेगा।"

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर विशेष आयोजन

इस फैसले की घोषणा लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर की गई। मुख्यमंत्री ने इस दिन को बेहद खास बताते हुए इसे राज्य के लिए एक नई दिशा की शुरुआत करार दिया। मंत्रिपरिषद ने इस अवसर पर ऐतिहासिक दुर्ग और राजगद्दी के दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की।

शराबबंदी के पीछे उद्देश्य

शराबबंदी लागू करने के पीछे सरकार के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • धार्मिक स्थानों की पवित्रता बनाए रखना
  • सामाजिक सुधारों को बढ़ावा देना
  • शराब से जुड़े अपराध और स्वास्थ्य समस्याओं को कम करना
  • पर्यावरण और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा करना

आगे का रास्ता: क्या पूरे मध्य प्रदेश में होगी शराबबंदी?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह शराबबंदी का पहला चरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य धीरे-धीरे पूर्ण शराबबंदी की ओर बढ़ेगा।
हालांकि, इस फैसले पर राज्य में मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

  • समर्थन: सामाजिक संगठनों और धार्मिक समुदायों ने इस कदम की सराहना की है।
  • आलोचना: कुछ लोग इस कदम को अव्यावहारिक मानते हुए राज्य के राजस्व पर प्रभाव की आशंका जता रहे हैं।


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