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महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने के लिए करोड़ों श्रद्धालु प्रयागराज की ओर रवाना हो रहे हैं। इसी बीच सुरक्षा के तमाम दावों के बावजूद हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में पहले महाकुंभ में भगदड़, फिर दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अफरातफरी और अब दिल्ली से प्रयागराज जा रहे एनआरआई श्रद्धालुओं से भरी एक गाड़ी को एक ट्रेलर ने टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में दस श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से सात की हालत चिंताजनक बनी हुई है। सभी घायलों को कानपुर के हैलेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

विदेश में बसे भारतीयों की आस्था महाकुंभ से जुड़ी

विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के एनआरआई, जो अपनी सभ्यता और संस्कृति से जुड़े रहना चाहते हैं, हर बार महाकुंभ में भाग लेने के लिए भारत आते हैं। इस बार भी ऐसे ही श्रद्धालुओं का एक जत्था दिल्ली से प्रयागराज के लिए रवाना हुआ था। लेकिन जब यह गाड़ी कानपुर के महाराजपुर इलाके में पहुंची, तभी अचानक एक ट्रेलर ने इसे टक्कर मार दी, जिससे हादसा हो गया।

हाईवे पर मचा कोहराम, श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल

हादसे के समय गाड़ी में सवार सभी श्रद्धालु प्रयागराज जा रहे थे। अचानक ट्रेलर की टक्कर इतनी तेज थी कि सभी यात्री बुरी तरह घायल हो गए। दुर्घटना के बाद हाईवे पर अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्क

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा। वहां प्राथमिक उपचार के बाद सात गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को कानपुर के हैलेट हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। प्रशासन ने तुरंत सभी घायलों के परिजनों को भी सूचित कर दिया।

कानपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी आलोक रंजन ने बताया कि घायलों का इलाज जारी है। कुछ श्रद्धालुओं की हालत नाजुक बनी हुई है, लेकिन उनके बेहतर इलाज की पूरी व्यवस्था की जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि जल्द ही सभी श्रद्धालु स्वस्थ होकर अपने गंतव्य की ओर लौट सकेंगे।

सुरक्षा इंतजामों पर फिर उठे सवाल

महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन लाख दावे करता है, लेकिन लगातार हो रहे हादसे सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सरकार और प्रशासन इन घटनाओं से कोई सबक लेंगे? श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर और सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


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