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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2025 को बजट पेश करते हुए मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत दी है। इस बजट में टैक्स छूट की सीमा को 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया गया है। अब एक लाख रुपये प्रति माह कमाने वाले लोगों को भी कोई टैक्स नहीं देना होगा।

सरकार ने आयकर छूट की सीमा में 5 लाख रुपये की वृद्धि की है, जिससे लाखों करदाताओं को सीधा फायदा मिलेगा।                                                 

टैक्स में बड़ा बदलाव                                                             

  • पहले 7 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं था, अब यह सीमा 12 लाख रुपये कर दी गई है।
  • अब एक लाख रुपये प्रति माह कमाने वालों को कोई टैक्स नहीं देना होगा।
  • पहले यह सीमा 60 हजार रुपये प्रति माह थी, जिसे अब 40 हजार रुपये बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
  • आईटीआर फाइल करने की समयसीमा अब 4 साल कर दी गई है, पहले इसे एक साल के भीतर दाखिल करना जरूरी था।

नया इनकम टैक्स स्लैब 2025-26                                         

सरकार ने आयकर स्लैब में संशोधन किया है। अब 12 लाख रुपये तक की आय पूरी तरह टैक्स फ्री होगी

वार्षिक आय (रुपये में)कर दर (%)
0 - 4 लाख0%
4 - 8 लाख5%
8 - 12 लाख10%
12 - 16 लाख15%
16 - 20 लाख20%
20 - 24 लाख25%
24 लाख से अधिक30%

अब 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा, लेकिन 12 लाख रुपये से अधिक कमाने वालों को ऊपर दिए गए टैक्स स्लैब के अनुसार कर देना होगा।                                                                                                                                                

आईटीआर फाइलिंग और टीडीएस में बड़ा बदलाव                  

  • आईटीआर दाखिल करने की समयसीमा 4 साल कर दी गई। पहले यह केवल एक साल थी।
  • टीडीएस की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई।
  • किराये पर टीडीएस की सीमा 2.4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दी गई।
  • स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) की सीमा 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई।
  • एलआरएस (उदारीकृत विप्रेषण योजना) की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई।

क्या यह बजट टैक्सपेयर्स के लिए फायदेमंद है?                     

इस बजट में मध्यम वर्ग को कर में बड़ी राहत दी गई है। टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने और आईटीआर की समयसीमा को लचीला बनाने से करदाताओं को सीधा फायदा होगा।

क्या आपको लगता है कि यह बजट करदाताओं के लिए फायदेमंद है? अपनी राय साझा करें।


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