Holi 2025 : प्रयागराज महाकुंभ में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध के बाद अब ब्रज की होली को लेकर नई बहस छिड़ गई है। मथुरा के संतों ने मांग उठाई है कि ब्रज के होली उत्सव में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। उनका मानना है कि यह सनातन संस्कृति के खिलाफ एक साजिश है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि इस्लाम होली खेलने को लेकर क्या कहता है और इसके पीछे क्या तर्क दिए जा रहे हैं?
ब्रज की होली में मुसलमानों के प्रवेश पर विवाद
मथुरा के संतों द्वारा मुसलमानों के होली उत्सव में शामिल होने पर रोक लगाने की मांग के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने इस मांग को भाजपा और आरएसएस से जोड़ते हुए इसे सांप्रदायिक मुद्दा बताया है। वहीं, भाजपा और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने संतों की मांग का समर्थन किया है।
बिहार भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर ने इस विवाद पर कहा कि जिन लोगों को मदरसों में यह सिखाया जाता है कि अगर वे अपने चेहरे पर रंग लगाएंगे तो अल्लाह उन्हें सजा देगा, उन्हें इस त्योहार से दूर रहना चाहिए। विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी कहा कि जिहादी मानसिकता से बचने की जरूरत है।
क्या कहते हैं मुस्लिम धार्मिक नेता?
मुस्लिम धर्मगुरु भी होली खेलने को लेकर अलग-अलग मत रखते हैं।
- ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने ब्रज की होली में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध को असंवैधानिक करार दिया है।
- ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन का मानना है कि इस्लाम में होली खेलना किसी भी तरह से उचित नहीं है और मुसलमानों को इससे दूर रहना चाहिए।
इस तरह, मुस्लिम विद्वानों के बीच भी इस मुद्दे पर एकरूपता नहीं है, जिससे विवाद और गहराता जा रहा है।
इस्लाम होली खेलने के बारे में क्या कहता है?
इस्लाम में त्योहार और परंपराएं शरिया के नियमों पर आधारित होती हैं। धार्मिक विद्वानों की इस पर अलग-अलग राय है, लेकिन आमतौर पर यह सलाह दी जाती है कि मुसलमानों को गैर-इस्लामी धार्मिक प्रथाओं में भाग लेने से बचना चाहिए।
कुछ अहम बिंदु:
- गैर-इस्लामी त्योहारों में भागीदारी – मुस्लिम विद्वानों का मत है कि किसी अन्य धर्म की धार्मिक परंपराओं में शामिल होना उचित नहीं है।
- रंग लगाने की अनुमति – शरीयत में शरीर पर रंग लगाने का कोई उल्लेख नहीं मिलता।
- मनोरंजन बनाम धार्मिक आस्था – यदि होली केवल रंग खेलने तक सीमित होती और इसमें कोई धार्मिक आस्था न जुड़ी होती, तो इसे सामान्य खेल माना जा सकता था। लेकिन चूंकि यह एक धार्मिक त्योहार है, इसलिए इसमें भाग लेने से बचने की सलाह दी जाती है।
- गैर-मुस्लिमों को बधाई देना – मुसलमान अपने गैर-मुस्लिम दोस्तों और पड़ोसियों को उनके त्योहारों पर शुभकामनाएं दे सकते हैं, लेकिन धार्मिक रूप से त्योहार मनाने से बचना चाहिए।
प्रयागराज महाकुंभ में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध
इससे पहले, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रयागराज महाकुंभ में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केवल वे लोग कुंभ में आ सकते हैं जो देश, भारतीयता और सनातन परंपरा के प्रति सम्मान रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यहां कोई भी आ सकता है, क्योंकि यह एक ऐसा स्थान है जहां जाति और पंथ की दीवारें समाप्त हो जाती हैं।
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Brijendra
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