पुणे में एक संगीत कार्यक्रम के दौरान गायक सोनू निगम को मांसपेशियों में ऐंठन और पीठ में तेज दर्द का अनुभव हुआ। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर अपनी स्थिति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अचानक उन्हें पीठ में तेज दर्द महसूस हुआ, सीधे खड़े होना मुश्किल हो गया और ऐसा लगा जैसे रीढ़ की हड्डी में सुई चुभ रही हो।
पीठ दर्द के संभावित कारण और लक्षण
पीठ में तेज दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
मांसपेशियों में थकान और डिहाइड्रेशन
पेट में जलन और अधिक मेहनत
बार-बार गलत तरीके से बैठना
अनुचित वार्म-अप और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन
यदि आपको भी पीठ दर्द की समस्या हो रही है, तो शुरुआती उपाय के रूप में स्ट्रेचिंग, हाइड्रेशन, मालिश और दवाएं लेना लाभदायक हो सकता है।
अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे तो क्या करें?
यदि आप या आपका कोई करीबी लंबे समय से गर्दन, पीठ, कमर, कोहनी, कलाई और पैर के अंगूठे में दर्द से परेशान है और इलाज के बावजूद सुधार नहीं हो रहा, तो यह लेख आपकी समस्या का समाधान कर सकता है।
शारीरिक गतिविधि की कमी, बिगड़े बायोमार्कर और मांसपेशियों, हड्डियों व जोड़ों की समस्याओं के कारण शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द हो सकता है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, यह दर्द हमारी भावनाओं, स्वभाव और सोचने की प्रक्रिया से भी जुड़ा हो सकता है।
फाइब्रोमायल्जिया : एक संभावित कारण
अगर आपको अक्सर कंधों में दर्द होता है, तो हो सकता है कि आपकी जीवनशैली में बदलाव की जरूरत हो। एकरसता और तनाव शरीर में दर्द का कारण बन सकते हैं। लेकिन कुछ मामलों में यह फाइब्रोमायल्जिया नामक बीमारी से भी जुड़ा हो सकता है।
फाइब्रोमायल्जिया क्या है?
फाइब्रोमायल्जिया एक क्रॉनिक डिसऑर्डर है, जो मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम को प्रभावित करता है और व्यापक दर्द व कोमलता का कारण बनता है। इसे आनुवंशिकी, संक्रमण और शारीरिक या भावनात्मक आघात के संयोजन से उत्पन्न माना जाता है।
फाइब्रोमायल्जिया के लक्षण
थकान और नींद संबंधी परेशानियां
सिरदर्द और एकाग्रता में कठिनाई
स्मृति संबंधी समस्याएं
इलाज और प्रबंधन
फाइब्रोमायल्जिया का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन इसे प्रबंधित किया जा सकता है। योग, ध्यान, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाकर इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा, जीवनशैली में सुधार और तनाव प्रबंधन भी फाइब्रोमायल्जिया के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकता है।
Read More: मई 2025 व्रत-त्योहार कैलेंडर: बुद्ध पूर्णिमा से शनि जयंती तक, जानिए तिथियां, महत्व और पूजा मुहूर्त"
Brijendra
Share



