Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया इस साल 30 अप्रैल, बुधवार को मनाई जाएगी। इस शुभ दिन पर माता लक्ष्मी और धनपति कुबेर की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इनकी पूजा से धन, समृद्धि और सुख-शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। विशेष रूप से, कुछ दुर्लभ मंत्रों के जाप से देवी लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। इस लेख में हम उन विशेष मंत्रों और उनकी विधि के बारे में जानेंगे, जो अक्षय तृतीया के दिन आपको अपार धन-संपत्ति का आशीर्वाद दिला सकते हैं।
1. लक्ष्मी गायत्री मंत्र का जाप करें
अक्षय तृतीया पर लक्ष्मी गायत्री मंत्र का जाप करने से धन, समृद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। इस मंत्र का जाप करते समय माता लक्ष्मी को फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
मंत्र:
ॐ श्री महालक्ष्मी, विष्णु की पत्नी, जो लक्ष्मी की पत्नी हैं।
विधि: प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं। इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। माता लक्ष्मी को लाल फूल और मिठाई अर्पित करें।
लाभ: आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। घर में धन-धान्य की कोई कमी नहीं रहती। व्यापार और करियर में उन्नति होती है।
2. कुबेर मंत्र का जाप करें
भगवान कुबेर को धन के देवता माना जाता है। अक्षय तृतीया के दिन यदि कुबेर मंत्र का जाप किया जाए तो धन-संपत्ति और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
मंत्र:
ॐ ह्रीं श्री कृष्ण श्री कुबेर अष्ट-लक्ष्मी मम, घर की धन-संपत्ति सम्पूर्ण हो।
विधि: कुबेर भगवान की प्रतिमा के सामने धूप-दीप जलाएं। इस मंत्र का कम से कम 51 बार जाप करें। पूजा के दौरान हल्दी और केसर मिश्रित जल से भगवान कुबेर का अभिषेक करें।
लाभ: घर में धन का ठहराव बढ़ता है। व्यापार में अपार लाभ मिलता है। कर्ज से मुक्ति मिलती है।
3. "ॐ अमृत लक्ष्मयाय नमः" मंत्र का जाप करें
यह एक शक्तिशाली मंत्र है जिसे 108 बार जाप करने से मां लक्ष्मी स्थायी रूप से घर में वास करती हैं।
मंत्र:
ॐ अमृत लक्ष्मयाय नमः
विधि: प्रातःकाल स्नान करने के बाद माता लक्ष्मी के सामने दीप जलाएं। कमल के फूल अर्पित करें और इस मंत्र का जाप करें। 108 बार इस मंत्र का जाप करने के बाद खीर या मिठाई का भोग लगाएं।
लाभ: धन वृद्धि होती है। सुख-समृद्धि का संचार होता है। पारिवारिक समस्याएं दूर होती हैं।
4. भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए करें इस मंत्र का जाप
भगवान विष्णु ने अक्षय तृतीया के दिन नर-नारायण का अवतार लिया था। इस दिन भगवान विष्णु के इस विशेष मंत्र का जाप करने से कुंडली में बृहस्पति मजबूत होता है और भाग्य प्रबल बनता है।
मंत्र:
ॐ श्री गुरुदेवाय नमः
विधि: विष्णु जी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं। तुलसी के पत्तों से भगवान विष्णु को जल अर्पित करें। इस मंत्र का 21 बार जाप करें।
लाभ: ज्ञान और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। बृहस्पति ग्रह की शुभता बढ़ती है। सौभाग्य में वृद्धि होती है।
5. कलश पूजन के दौरान इस मंत्र का जाप करें
अक्षय तृतीया के दिन कलश पूजन करने की परंपरा है। माना जाता है कि कलश में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। इस दौरान निम्न मंत्र का जाप करने से अमृत और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
मंत्र:
मुख में कलश, मुख में विष्णु, हृदय में रुद्र, मूल ब्रह्मा हैं, उनके मध्य में माता का स्मरण किया जाता है।
विधि: तांबे के कलश में गंगाजल भरें और उसमें कुछ तुलसी के पत्ते डालें। इस मंत्र का जाप करते हुए कलश को पूजा स्थल पर स्थापित करें। मिट्टी के बर्तन का दान करें और ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
लाभ: घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। स्वास्थ्य लाभ मिलता है। मानसिक शांति प्राप्त होती है।
6. लक्ष्मी स्तोत्र और श्री सूक्त का पाठ करें
अक्षय तृतीया पर लक्ष्मी स्तोत्र और श्री सूक्त का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
विधि: माता लक्ष्मी की मूर्ति के सामने बैठकर श्री सूक्त का पाठ करें। अगर संभव हो तो गाय के घी का दीपक जलाएं। पूजा के बाद गरीबों को भोजन कराएं।
लाभ: आर्थिक संकट दूर होता है। घर में धन और समृद्धि का वास होता है। सभी प्रकार की परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
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Brijendra
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